आज हम अपना बहुतसारा समय सिर्फ येसोचने में गंवा देतेहैं कि दूसरे हमसेप्यार क्यों नहीं करते। हमइस उम्मीद पर रहते हैंकि और लोग हमसेप्यार करें। लेकिन क्या हम कभीये सोचते हैं कि हमखुद से प्यार करतेहैं या नहीं। जोइंसान खुद से प्यारकरता है पूरी दुनियाउससे प्यार करती है। जिसप्यार और अपनेपन कीतलाश हम बाहर करतेहैं वह सबसे पहलेखुद से करिए। येबहुत गहराई से सोचने वालीबात है। सेल्फ लवके बारे में आजके दौर में बहुतसारे लोग नहीं जानते।खुद से प्यार करनाक्या होता है। इससेहमारे जीवन में कैसेबदलाव आता है। जिंदगीमें आगे बढ़ने औरएक अच्छा मुकाम हासिल करने के लिएखुद से प्रेम करनाजरूरी है। हमारे सवालअक्सर ऐसे होते हैंकि कोई और हमसेप्यार क्यों नहीं करता लेकिनक्या हम सोचते हैकि हम खुद सेप्यार करते है भीया नहीं। खुद से प्यारकरने का मतलब येनहीं होता कि हमसेल्फिश हो जाए। सेल्फलव का मतलब होताहै खुद की परवाहकरना,अपने विचारों केप्रति अवेयर होना।ऐसा करने से हमखुद को जानने लगतेहैं। जब हम खुदसे प्यार करने लगते हैंतब पूरी दुनिया हमसेप्यार करने लग जातीहै। हम बहुत सारीबातों पर ध्यान देकरखुद से प्यार करसकते हैं। अपनी बॉडीका ध्यान रखकर, अपने विचारों काध्यान रखकर। अक्सर हमारे दिमाग में निगेटिव विचारचलते रहते हैं जिससेजिंदगी स्ट्रेसफुल बन जाती है।इसलिए सबकुछ हल्काफुल्का बना रहे यहीकोशिश करनी चाहिए। आजके दौर में खुदसे नफरत बहुत बढ़गई है। किसी सेबहस या अनबन होजाए तो हम अपनीवॉ्टसएप डीपी ही हटादेते हैं। बात यहींनहीं रुकती रोने धोने वालेमैसेज डाल देते हैं।फेसबुक पर ऐसे निगेटिवपोस्ट करते हैं किलोग देखकर समझ जाते हैंकि आपकी मन कीस्थिति क्या है। अगरआपका किसी के साथविवाद भी हो जाएतो आप कूल रहनेकी कोशिश करे,स्टेटस सेफोटो हटाएं। ऐसेवक्त में तो आपकोऔर भी अच्छी फोटोजऔर स्टेटस डालना चाहिए। जिससे आपको अच्छा महसूसहो। खुद की खूबियोंको जानने की कोशिश करें, अपनी तुलना दूसरों से करें।एक शांत स्थान परबैठकर अपनी स्ट्रेन्थ केबारे में सोचें,जिससेआपमें पॉजिटीव एनर्जी का संचार होगा।खुद से प्यार करिएतभी आप खुश रहेंगे।हम अक्सर दूसरों के सामने बेहतरबनकर रहना चाहते हैंलेकिन ऐसा करने सेहम खुद के बारेमें नहीं सोच पाते।दूसरों को हम कैसेलगते हैं यह उतनाजरूरी नहीं है। हमखुद के लिए क्याहै ये ज्यादा अहमहै। हम जब खुदसे प्यार करने लगते हैंतब हमारी जिंदगी एक अलग नजरिएके साथ चलती है।जो सवाल हम औरोंसे करते हैं वोहमें खुद से करनेचाहिए। हम खुद सेप्यार क्यों नहीं करते, अपनीपरवाह क्यों नहीं करते।

By Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *