एक नजर ही काफी है नजर लगाने के लिए।

बेकरार है दिल तुझमें समाने के लिए।

यूं तो तेरे सामने खुली किताब है हम।

फिर भी बहुत कुछ है तुझे बताने के लिए।

ये सांसें बस तेरे नाम से चलती है।

और तुझे लगता है हम है जमाने के लिए।

दुनिया रुस्वा करे तो गम न करना तू।

हम है ना तेरा साथ निभाने के लिए।

बस एक तेरे साथ से मुश्किलें आसां होगी।

वरना लोग है ना हमको सताने के लिए।

 बेरुखी से पेश आए कोई तो दिल से न लगा लेना।

हम है ना तेरा दर्द मिटाने के लिए।

वक्त बुरा हो तो कोई साथ नहीं देता ।

अच्छे वक्त में आते हैं सब मोहब्बत जताने के लिए।

 

फौजीया शेख,नागपुर

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