अक्सर हम अपने आलस कीवजह से आज केकाम को कल परटाल देते हैं लेकिनआज का काम आजही कर लेने से पूरे दिन का रूटीन ठीकहोता है। आलस्य हीहमारा सबसे बड़ा दुश्मनहोता है। जिसका असरहमारे काम पर पड़ताहै। जीवन में सफलताहासिल करने के लिएहमें स्फूर्ति से काम करनाचाहिए। आलस केवल एकसोच है जो आपपर हावी हो जाएतो आप नाकामयाबी कीराह पर चल पड़ेंगे।आज हमारे पास जितने सुखभोगने के साधन गए हैंउतनी ही आलसी प्रवृत्तिभी बढ़ गई है।आज हमारे पास हर तरहकी सुविधा है। फोन,एसी,शानदार गाड़ियां और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्सजिन्होंने हमारा जीवन कितना आसानकर दिया है। लेकिनइतने साधन होने के बाद भीहम आलस नहीं छोड़रहे हैं। आज एसीया टीवी का रिमोटउठाने के लिए भीहम एक जगह सेनहीं उठना चाहते। लेकिनयही आलस हमारी सफलताके बीच दीवार बनकरबना है। एक समयथा जब महिलाएं सुबहअपने घर के सभीकाम निपटाकर खेतों में भी कामकरने जाती थी। जबउनके पास इतनी सुविधाएंभी नहीं थी। इसकेबावजूद वे बिना रुके काम करती थी। और आज हमारेपास सभी सुखसुविधाएंहैं लेकिन फिर भी हमआलसी हो गए हैं।कपड़े धाने के लिएवॉशिंग मशीन, मिक्सर, फ्रीज और अन्य सुविधाओंसे लैस मशीनें होनेके बावजूद भी हमारे पासअपने ही काम करनेका वक्त क्यों नहींहोता। पहले के समयमें पुरूष भी अलसुबह सेरात तक काम करनेके बाद भी कोईशिकायत नहीं करते थे।लेकिन आज हम इतनेऐशोआराम में जिंदगी बिता रहे हैं। इसके बावजूद भीउस काम को कलपर ही टाल देतेहैं। पहले लोग छोटीसे छोटी चीज खरीदनेके लिए भी बाजारजाते थे लेकिन आजहमारे मोबाइल में मौजूद एप्सने ही इसकी जगहले ली है। आजलोगों को सबकुछ ऑनलाइनचाहिए। वे थोड़ीसीभी तकलीफ नहीं उठाना चाहते।कुछ कदम चलने केबजाय लोग गाड़ी सेजाना पसंद करते हैं। सुविधाओं ने जिंदगी तो आसान कर दी है लेकिन इंसान को आलसी भी बना दिया है।

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